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Shani Dev Aarti ki aart: कर्मों के न्यायाधीश की कृपा पाने का श्रेष्ठ माध्यम

शनि देव को हिन्दू धर्म में “न्याय के देवता” कहा जाता है, जो हर जीव को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से लोग भयभीत रहते हैं, लेकिन सच्चे मन से शनि देव की आरती करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है।

हर शनिवार को तेल, काली चीज़ें और शनिदेव की आरती से उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। इस पोस्ट में हम आपको शनि देव की संपूर्ण आरती प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसे नियमित रूप से गाने से शनि दोष दूर होते हैं।

जय जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी।
सूरज के पुत्र प्रभु, छाया महतारी॥

काले वस्त्र धारी, नीली छाया लाए।
धूप दीप नैवेद्य से, शीश नवाए॥

श्याम अंग वक्र दृष्टि, चढ़े रथ काला।
ब्रह्मा विष्णु महेश भी, करैं सेवा भाला॥

पुष्प तेल तिल से करें, तेरा पूजन।
मनवांछित फल पाएं, होए कष्ट विमोचन॥

जो जन नाम तिहारो, सुमिरन करता।
दुख दरिद्र क्लेश, शनिदेव हरता॥

शनि देव की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत ‘नन्ददास’ मनवांछित फल पावे॥

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