हिंदू धर्म में माता सरस्वती को विद्या, बुद्धि, वाणी, संगीत और कला की देवी माना जाता है। विद्यार्थियों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों के लिए उनका आशीर्वाद बेहद महत्वपूर्ण होता है।
बसंत पंचमी के दिन विशेष रूप से सरस्वती माता की पूजा की जाती है, लेकिन कोई भी शुभ कार्य, परीक्षा या नई विद्या आरंभ करने से पहले भी लोग सरस्वती वंदना करते हैं। नीचे प्रस्तुत है उनकी दिव्य आरती जो आपको शुद्ध मन और एकाग्रता प्रदान करती है।

ॐ जय सरस्वती माता,
जय जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता॥ जय सरस्वती माता…
चंद्रवदनी पद्मासिनी,
दिव्याभूषण धारी।
वीणा पुस्तक हस्तधारी,
जग में ज्ञान पसारी॥ जय सरस्वती माता…
श्वेत वस्त्र पहिने,
कोमल गात सवारी।
मंदिर में विराजे,
शुभ गंध सुवासित सारी॥ जय सरस्वती माता…
ब्राह्मणों की पूजा,
रिद्धि सिद्धि दायक।
नव रसमय सुर साजित,
वाणी विनायक॥ जय सरस्वती माता…
माता शारदे नमो नमः,
जय जय जय वीणापाणि।
ज्ञान की देवी वंदना,
करें तुम्हें अभिवंदन॥ जय सरस्वती माता…