संतोषी माता को “संतोष और शांति की देवी” माना जाता है। मान्यता है कि जो भक्त शुक्रवार को व्रत रखते हैं और श्रद्धा से संतोषी माता की आरती करते हैं, उनके जीवन से क्लेश और दरिद्रता दूर होती है।
संतोषी माता की पूजा में विशेष रूप से गुड़-चना का भोग लगाया जाता है और शुक्रवार को उनका व्रत रखा जाता है। यहां हम प्रस्तुत कर रहे हैं संतोषी माता की संपूर्ण आरती, जिसे नियमित गाने से माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

ॐ जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता।
सुख संपत्ति घर आवे, मनवांछित फल पाता॥
ॐ धन वैभव हो जै जैकारा, संकट मिटे हमारा।
जो भी तेरा ध्यान लगावे, हर संकट से उबारा॥
ॐ गुड़ चने का भोग लगाऊं, सच्चे मन से गाऊं।
शुक्रवार को व्रत मैं धारा, तूने दुःख सब हारा॥
ॐ प्यारी माता नाम तिहारो, संकट हरती सारा।
मन चंगा कर दो माता, बन जाए हर बिगड़ा काम हमारा॥
ॐ जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता।
सुख संपत्ति घर आवे, मनवांछित फल पाता॥